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Tuesday, August 29, 2023

प्रीतिशा---ओडिशी नृत्य की चमक @ शशिप्रभा तिवारी

                                                       प्रीतिशा---- ओडिशी नृत्य की चमक 

                                       @शशिप्रभा तिवारी


बीते 19 अगस्त को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सरोहा उत्सव का आयोजन किया गया। इसका आयोजन संचारी फाउंडेशन की ओर से किया गया। इस उत्सव के बारे में संचारी फाउंडेशन की संस्थापक कविता द्विवेदी ने बताया कि सरोहा उत्सव का आयोजन मैंने अपने गुरु हरिकृष्ण बेहरा की स्मृति में किया। इसका उद्देश्य युवा कलाकारों को मंच प्रदान करना है। ताकि उनमें उमंग, उत्साह और आत्मविश्वास पैदा हो। 

                                          

सरोहा उत्सव में युवा ओडिशी नृत्यांगना प्रीतिशा महापात्र ने मोहक नृत्य पेश किया। नृत्यांगना प्रीतिशा, गुरु रतीकांत महापात्र और सुजाता महापात्र की शिष्या हैं। वह महान गुरु केलुचरण महापात्र की प्रपौत्री हैं। प्रीतिशा ने अपने परिवार परंपरा को बखूबी अपनाया है। उनका ओडिशी नृत्य के तकनीकी पक्ष के साथ अभिनय पक्ष काफी परिपक्व और सुदृढ़ है। जो उनकी लगन, मेहनत और प्रतिभा से संभव हुआ है। समारोह में उनकी प्रतिभा को गुरु हरिकृष्ण बेहरा सम्मान से सम्मानित किया गया। 



बहरहाल, सरोहा उत्सव 2023 में ओडिशी नृत्यांगना प्रीतिशा ने चंद्रकौंस पल्लवी पेश किया। यह राग चंद्रकौंस और पंचम सवारी ताल में निबद्ध थी। इसमें ताल के विभिन्न लय और अवर्तनों पर संतुलित गति और भंगिमाओं को पेश किया। तकनीकी पक्ष की यह लयात्मक प्रस्तुति आकर्षक थी। उनकी दूसरी पेशकश अभिनय थी। यह पेशकश भजन ‘श्रीरामचंद्र कृपालु भजुमन‘ और श्रीरामचरितमानस के दोहे-‘राम जब आए नर नारी सब मनाए‘ पर आधारित थी। 

यह राग मालिका और जती ताल में निबद्ध था। उन्होंने एकल संचारी में पूरे विस्तार से सीता स्वयंवर के विभिन्न पात्रों के भावों को बहुत चपलता और निपुणता से दर्शाया। क्षण-क्षण हर पात्र के भावों को मुख व आंखों के भावों के साथ-साथ आंगिक अभिनय का बहुत मनोहारी रूप प्रीतिशा ने पेश किया। उन्होंने अपने नृत्य से समारोह की प्रतिष्ठा को काफी बढ़ा दिया। 



सरोहा उत्सव में गुरु कविता द्विवेदी की शिष्याओं ने शिव स्तुति पेश किया। इस प्रस्तुति की नृत्य परिकल्पना गुरु कविता द्विवेदी और संगीत रचना पंडित सुरेश सेठी की थी। जबकि, गुरु संतोष नायर के शिष्य सुधीर कुमार और हिमेश पर्चा ने छऊ नृत्य शैली में नृत्य रचना योद्धा प्रस्तुत किया। वहीं तबला वादक मिहिर नट्टा ने तीन ताल में अपना वादन पेश किया। उन्होंने तीन ताल में उठान, तिहाइयां, कायदे, चक्रदार तिहाइयां आदि पेश किया। उनके साथ हारमोनियम पर पंडित सुरेश सेठी ने संगत किया।  



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